ग्वालियर के सराफा कारोबारी के कर्मचारियों के साथ इंदौर में हुई लूट का क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को खुलासा करते हुए चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके दो साथी फिलहाल फरार बने हुए हैं। पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 63 लाख रुपए बरामद कर उनसे घटना के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि ग्वालियर के सराफा कारोबारी राजेंद्र गुप्ता द्वारा बीती दो मार्च को इंदौर के मल्हारगंज थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई थी, कि उनके यहां काम करने वाले कर्मचारी सत्येंद्र यादव और हेमंत श्रीवास्तव जब खरीददारी करने हेतु इंदौर आए हुए थे, तथा वे दोनों गोराकुंड के पास स्थित गजानंद टॉवर के एक फ्लैट में रूकने जा रहे थे, तभी मल्टी की पार्किंग में तीन अज्ञात बदमाश उनके साथ धक्का-मुक्की कर रुपयों से भरा बैग लेकर भाग निकले। व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने मामले को जांच में ले लिया था। जिसके बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी खंगालने के बाद उसके आधार पर 50 से अधिक संदेहियों को राउंडअप करने के साथ ही दोनों कर्मचारियों से भी अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में हेमंत की बातों से पुलिस को शक हुआ। इस पर पुलिस ने सख्ती दिखाई तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया। हेमंत ने बताया कि बैग में 4 लाख नहीं बल्कि 81 लाख रुपए नगदी थी। उसने बताया कि वह लंबे समय से राजेंद्र गुप्ता और उनके भाई नरेंद्र गुप्ता के यहां पर काम कर रहा था। वह 81 लाख रुपए नकद लेकर इंदौर पहुंचा था। इतने रुपए देखकर उसकी नीयत खराब हो गई। इसके बाद उसने भाई प्रह्लाद के साथ मिलकर पूरा प्लान तैयार किया।
कर्ज में डूबे होने से वारदात में शामिल हुआ प्रहलाद
81 लाख रुपए देख कर्मचारी की नीयत हुई खराब
• Vivek Shrivastava
81 लाख रुपए देख कर्मचारी की नीयत हुई खराब, भाई के साथ मिलकर बनाई लूट की योजना